वास्तु शास्त्र

हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसके पास अपना एक घर हो। इसके लिए लोग अपने जीवन भर की कमाई तक लगा देते हैं लेकिन कुछ लोगों के साथ ऐसी स्थिति हो जाती है कि उनका घर समय पर पूरा नहीं हो पाता है या घर बनते-बनते उन्हें बेचना पड़ जाता है। अगर घर बन जए तो घर में सुख चैन की कमी रहती है। इस तरह की समस्या के पीछे वास्तु दोष भी एक बड़ा कारण माना जाता है। आपके या आपके अपनों के साथ ऐसा नहीं हो इसलिए घर बनवाते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें और वास्तु दोष से होने वाली परेशानियों से बचें।

घर में सुख शांति के लिए वास्तु उपाय

मकान का मुख्य द्वार:- मकान का मुख्य द्वार दक्षिण मुखी नहीं होना चाहिए। इसके लिए आप चुंबकीय कंपास लेकर जाएं। यदि आपके पास अन्य विकल्प नहीं हैं, तो द्वार के ठीक सामने बड़ा सा दर्पण लगाएं, ताकि नकारात्मक ऊर्जा द्वार से ही वापस लौट जाएं।

खिड़की दरवाजे:- घर के खिड़की दरवाजे इस प्रकार होनी चाहिए, कि सूर्य का प्रकाश ज्यादा से ज्यादा समय के लिए घर के अंदर आए। इससे घर की बीमारियां दूर भागती हैं।

ड्रॉइंग रूम:- परिवार में लड़ाई-झगड़ों से बचने के लिए ड्रॉइंग रूम यानी बैठक में फूलों का गुलदस्ता लगाएं।

बेडरूम:- बेडरूम में भगवान के कैलेंडर या तस्वीरें या फिर धार्मिक आस्था से जुड़ी वस्तुएं नहीं रखनी चाहिए। बेडरूम की दीवारों पर पोस्टर या तस्वीरें नहीं लगाएं तो अच्छा है। हां अगर आपका बहुत मन है, तो प्राकृतिक सौंदर्य दर्शाने वाली तस्वीर लगाएं। इससे मन को शांति मिलती है, पति-पत्नी में झगड़े नहीं होते।

देवस्थान:- घर में शौचालय के बगल में देवस्थान नहीं होना चाहिए।

शौचालय:- घर में घुसते ही शौचालय नहीं होना चाहिए।

यदि आप मकान निर्माण करवा रहे हैं या फिर वास्तु से संबंधित कोई भी समस्या है और उसका समाधान चाहते हैं तो अवश्य हमें लिखें , ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार हम आपकी समस्याओं का निराकरण करेंगे....:-

रविवार और मंगलवार के दिन घर बनावाने का काम शुरु न करवाएं। मंगलवार के दिन हस्त नक्षत्र, पुष्य, रेवती, मघा, पूर्वाषाढ़ा या मूल नक्षत्र हो और ऐसे में गृह निर्माण किए जाए तो चोरी, आग लगने और संतान को कष्ट होने की आशंका रहती है

4, 9, 14, हर महीने की यह तिथि रिक्ता यानी खाली तिथि मानी जाती है इसलिए इन तिथियों में निर्माण कार्य नहीं शुरु करवाना चाहिए।:-

Note:- आप हमें घर का नक्शा या फिर घर के सभी स्थान का फोटो अवश्य भेजें...:-